Poem on umbrella in hindi. 'Umbrella' poems 2019-02-28

Poem on umbrella in hindi Rating: 6,5/10 1727 reviews

Tiger Poem

poem on umbrella in hindi

By: Alex If I Were Raindrops If I were raindrops And I was mad I would make a dark rain in the sky. दीवार पर टंगें कैलंडर की तरह, सजाए हुए हैं। - रोहित कुमार 'हैप्पी' किसी का आना किसी का चले जाना मायने रखता है ज़िंदगी में। - अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' Ayodhya Singh Upadhyaya Hariaudh जला सब तेल दीया बुझ गया है अब जलेगा क्या । बना जब पेड़ उकठा काठ तब फूले फलेगा क्या ॥1॥ - महादेवी वर्मा Mahadevi Verma मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! Also, as a blast from the past we've gathered some really great classic poems for kids as well. The section Poems for Young Children is filled with short poems that are easy to read and follow. मैं भगवान होता तब न पैसे के लिए यों हाथ फैलाता भिखारी तब न लेकर कोर मुख से श्वान के खाता भिखारी तब न यों परिवीत चिथड़ों में शिशिर से कंपकंपाता तब न मानव दीनता औ' याचना पर थूक जाता तब न धन के गर्व में यों सूझती मस्ती किसी को तब ना अस्मत निर्धनों की सूझती सस्ती किसी को तब न अस्मत निर्धनों की सूझती सस्ती किसी को तब न भाई भाइयों पर इस तरह खंजर उठाता तब न भाई भगनियों का खींचता परिधान होता काश! If I were the rain, I'd shimmer As brightly as a star. जो वर्तमान ने उगल दिया उसको भविष्य ने निगल लिया है ज्ञान, सत्य ही श्रेष्ठ किंतु जूठन खाया तो क्या खाया? We are constantly adding new pages that cover a range of subjects for all ages, so be sure to check back often. If I were the rain I would think where I should hide.

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'Umbrella' poems

poem on umbrella in hindi

This may be the glue that holds the friendship together. This section is dedicated to the young contemporary poet Willameena. By: Maria If I Were Rain If I were rain, I would make puddles For children to play in. उड़ रही है सौरभ की धूल कोकिला कैसे रहती मीन। - जयशंकर प्रसाद Jaishankar Prasad वसुधा के अंचल पर यह क्या कन-कन सा गया बिखर! वह खून कहो किस मतलब का, आ सके देश के काम नहीं? Funny Poems for Friends The best kind of friends are the ones that you share good times with. I step in a puddle with my rain boots.

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Rain Poems

poem on umbrella in hindi

The umbrella is revealed to be belonging to a group of Japanese tourists. The grass would turn green. ।।६।। हिन्दू मुसल्मान ईसाई यश गावें सब भाई-भाई । सब के सब तेरे शैदाई फूलो-फलो स्वदेश ।। जै जै. स्वप्न कल्पना सी सुकुमार सजीली? It's her, my past who wrote her miserable life with me. जोश में आकर, मनका गाना गूंज तू अकेला! By: Kerri If I Were Thunder and Lightning If I were were thunder and lightning I would roam around the world Making storms Feeling mighty Standing proud As an eight year old boy. जन्म-दिन बहुत रुलाएगा जन्म-दिन पर 'माँ' बहुत याद आएगी चूँकि.

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कविताएं

poem on umbrella in hindi

युग-नेत्र उनके जो अभी थे पूर्ण जल की धार-से, अब रोष के मारे हुए, वे दहकते अंगार-से । निश्चय अरुणिमा-मित्त अनल की जल उठी वह ज्वाल सी, तब तो दृगों का जल गया शोकाश्रु जल तत्काल ही। साक्षी रहे संसार करता हूँ प्रतिज्ञा पार्थ मैं, पूरा करुंगा कार्य सब कथानुसार यथार्थ मैं। जो एक बालक को कपट से मार हँसते हैँ अभी, वे शत्रु सत्वर शोक-सागर-मग्न दीखेंगे सभी। अभिमन्यु-धन के निधन से कारण हुआ जो मूल है, इससे हमारे हत हृदय को, हो रहा जो शूल है, उस खल जयद्रथ को जगत में मृत्यु ही अब सार है, उन्मुक्त बस उसके लिये रौ'र'व नरक का द्वार है। उपयुक्त उस खल को न यद्यपि मृत्यु का भी दंड है, पर मृत्यु से बढ़कर न जग में दण्ड और प्रचंड है । अतएव कल उस नीच को रण-मध्य जो मारूँ न मैं, तो सत्य कहता हूँ कभी शस्त्रास्त्र फिर धारूँ न मैं। अथवा अधिक कहना वृथा है, पार्थ का प्रण है यही, साक्षी रहे सुन ये वचन रवि, शशि, अनल, अंबर, मही। सूर्यास्त से पहले न जो मैं कल जयद्रथ-वध करूँ, तो शपथ करता हूँ स्वयं मैं ही अनल में जल मरूँ। - मैथिलीशरण गुप्त Mathilishran Gupt - रामधारी सिंह दिनकर Ramdhari Singh Dinkar जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल कलम, आज उनकी जय बोल। - रामधारी सिंह दिनकर Ramdhari Singh Dinkar सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैं स्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैं - महादेवी वर्मा Mahadevi Verma कितनी करूणा कितने संदेश पथ में बिछ जाते बन पराग गाता प्राणों का तार तार अनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखार जो तुम आ जाते एक बार - महादेवी वर्मा Mahadevi Verma वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुर्झाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना। - महादेवी वर्मा Mahadevi Verma मैं नीर भरी दुःख की बदली, स्पंदन में चिर निस्पंद बसा, क्रंदन में आहत विश्व हँसा, नयनो में दीपक से जलते, पलकों में निर्झनी मचली! अब तो बार-बार भागा आऊँगा मनहर! Is this pity or care? क्यों घर छोड़कर मैं यों कढ़ी? That's what I would do If I were rain! जिंदगी तो जिंदगी है, इससे शिकायत क्यों है? I am mostly of a sunny disposition, or at least I try to be day by day. एक बूंद के बदले तेरा घट पर खून बहाऊंगा? I would give the flowers Some water. Lillavati even hints toward the possibility of stealing Biniya's umbrella. ।।८।। - रामावतार त्यागी Ramavtar Tyagi जब चाहा मैंने तूफ़ानों के, अभिमानों को कुचल दिया । हँसकर मुरझाई कलियों को, मैंने उपवन में बदल दिया ।। - मैथिलीशरण गुप्त Mathilishran Gupt भू-लोक का गौरव प्रकृति का पुण्य लीला-स्थल कहाँ? The drops of rain Glimmer out of my window. I asked myself intensely, she's through with the pain he gave to her as stated, I felt it sincere it was a waste relationship I started to cry I'm on the peak of the end, it was real it hits me through my bone, it's like my past I can't see anything with this tears in my eyes.

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How to say the word 'love' in Hindi

poem on umbrella in hindi

I come from clouds High up in the sky. . कब लोगे अवतार हमारी धरती पर!. Wearing a bear claw necklace is considered to be auspicious and bring good luck. कानन-कूचकी बेला पर सब कोने में छिप जाय.

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कविताएं

poem on umbrella in hindi

You say that you love the wind, but you close your windows when wind blows. तुम्हें देखने शोभा ही ज्यों लहरी सी उठ आई, तनिमा, अंग भंगिमा बन मृदु देही बीच समाई! वह कविता जिसे छोड़ कर चले गए तुम, अब वह सरिता काट रही है प्रान्त-प्रान्त की दुर्दम कुण्ठा--जड़ मति-कारा मुक्त देश के नवोन्मेष के जनमानस की होकर धारा। काल जहाँ तक प्रवहमान है और जहाँ तक दिक-प्रमान है गए जहाँ तक वाल्मीकि हैं गए जहाँ तक कालिदास हैं वहाँ-दूर तक प्रवहमान है आँसू-आह-गीत की धारा तुमने जिसको आयुदान दी और जिसका रूप सँवारा। आज तुम्हारा जन्म-दिवस है कवि, यह भारत चिरकृतज्ञ है। - धर्मवीर भारती Dhramvir Bharti. From a frolic in the dew-drop moss to a galloping unicorn under the morning star, read on to envision the beauty and majesty of this mythological creature. वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥ - दिविक रमेश चाहता था आ बसे माँ भी यहाँ, इस शहर में। - दिविक रमेश जिसे रौंदा है जब चाहा तब जिसका किया है दुरूपयोग, सबसे ज़्यादा। जब चाहा तब निकाल फेंका जिसे बाहर। कितना तो जुतियाया है जिसे प्रकोप में, प्रलोभ में वह तुम्हीं हो न भाषा। - दिविक रमेश रोज़ सुबह, मुँह-अंधेरे दूध बिलोने से पहले माँ चक्की पीसती, और मैं घुमेड़े में आराम से सोता। - सपना मांगलिक मोर मुकट पीताम्बर पहने,जबसे घनश्याम दिखा साँसों के मनके राधा ने, बस कान्हा नाम लिखा राधा से जब पूँछी सखियाँ, कान्हा क्यों न आता मैं उनमें वो मुझमे रहते, दूर कोई न जाता द्वेत कहाँ राधा मोहन में, यों ह्रदय में समाया जग क्या मैं खुद को भी भूली, तब ही उसको पाया। - ऋषभदेव शर्मा नाग की बाँबी खुली है आइए साहब भर कटोरा दूध का भी लाइए साहब रोटियों की फ़िक्र क्या है? Biniya develops a liking for the umbrella and trades it with her bear claw necklace called with the Japanese tourists. ।।४।। आँख अगर कोई दिखलावे उसका दर्प-दलन हो जावे । फल अपने कर्मों का पावे बने नामनि शेष ।। जै जै.

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Tiger Poem

poem on umbrella in hindi

Biniya sympathies with Khatri and decides that Khatri is the real owner of umbrella not her. जन्म-दिन के आस-पास या शायद उसी रात. दिन भर घूमूँगा जंगल में लौट कहाँ पर आऊँगा। किससे लूँगा पैसे, रूठूँगा तो कौन मना लेगा कौन प्यानर से बिठा गोद में, मनचाही चींजे़ देगा। - रबीन्द्रनाथ टैगोर Rabindranath Tagore मेरा शीश नवा दो अपनी चरण-धूल के तल में। देव! Then I'd come back To give the flowers water. सुख से हँसना जी भर गाना मस्ती से मन को बहलाना पर्व हो गया आज- साजन! Due to this humiliation, Khatri pledges to buy his own such umbrella. Into a river That would give me a ride.

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5 lines on umbrella for class 1st

poem on umbrella in hindi

By: Erik Rain Today the rain Drops upon the window, Tap, tap, tap. Everyone would be too busy Yelling Rain, rain Go away Come back Another day. इंदुमती के मृत्यु शोक से अज रोया या तुम रोये थे? Poetry is a wonderful way to take time out of the day and spend a quality moment with children. Edgy rhythm and rhyme that kids will enjoy. Cool others who are hot. Have you ever wondered about the poets who pour their hearts into the amazing poems you read? धर्म और लज्जा लुटती है! And if I was furious I'd make a thunderstorm Over a town. Everyone in the village is amazed by the beauty of the umbrella and Biniya acquires a celebrity like status.

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Umbrellas In The Rain Poem by Ernestine Northover

poem on umbrella in hindi

पर यही अहसास मुझे ज़िन्दा रखे है, यही तो मेरी शहज़ोरी है! ।।१।। हम बुलबुल तू गुल है प्यारा तू सुम्बुल, तू देश हमारा । हमने तन-मन तुझ पर वारा तेज पुंज-विशेष ।। जै जै. उस दिन होंगे वे कौन चरण जिनमें इस लक्ष्यभ्रष्ट मन को मिल पायेगी अन्त में शरण? However, I shall resist the temtation, and say to you. Space poems for kids, like the other themed sections, has both short and simple as well as long and complex. There would be a rainbow. कितना था रहा निखर। मिलने चलते अब दो कन आकर्षण -मय चुम्बन बन दल की नस-नस में बह जाती लघु-मघु धारा सुन्दर। हिलता-डुलता चंचल दल, ये सब कितने हैं रहे मचल कन-कन अनन्त अम्बुधि बनते कब रूकती लीला निष्ठुर । तब क्यों रे, फिर यह सब क्यों यह रोष भरी लीला क्यों? मंज़िल दूर नहीं है। दिशा दीप्त हो उठी प्राप्त कर पुण्य-प्रकाश तुम्हारा; लिखा जा चुका अनल-अक्षरों में इतिहास तुम्हारा। जिस मिट्टी ने लहू पिया, वह फूल खिलाएगी ही; अम्बर पर घन बन छाएगा ही उच्छ्वास तुम्हारा। और अधिक ले जाँच, देवता इतना क्रूर नहीं है; थककर बैठ गये क्या भाई! By: Shaina If I Were The Rain If I were the rain I would not be dry- I'd be wet. It could rain anytime And anywhere.

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Rain Poems

poem on umbrella in hindi

And am so glad I did. By: Jason If I Were The Rain If I were the rain I would make puddles everywhere. सब लुटा विश्व को रंक हुआ रीता तब मेरा अंक हुआ दाता से फिर याचक बनकर कण-कण पाया तो क्या पाया? । बंग-भंग कर, नन्द कुमार को किसने फांसी चढ़वाई, किसने मारा खुदी राम और झांसी की लक्ष्मीबाई, नाना जी की बेटी मैना किसने जिंदा जलवाई, किसने मारा टिकेन्द्र जीत सिंह, पद्मनी, दुर्गाबाई, अरे अधर्मी इन पापों का बदला अभी चखाऊंगा, जब तक तुझको. मरा मैंने सिंह देखा, दिग्दिगंत दहाड़ जिसकी गूँजती थी, एक झाड़ी में पड़ा चिर-मूक, दाढ़ी-दाढ़-चिपका थूक। मरा मैंने सर्प देखा, स्फूर्ति का प्रतिरूप लहरिल, पड़ा भू पर बना सीधी और निश्चल रेख। मरे मानव-सा कभी मैं दीन, हीन, मलीन, अस्तंगमितमहिमा, कहीं, कुछ भी नहीं पाया देख। क्या नहीं है मरण जीवन पर अवार प्रहार? Autoplay next video An assortment of coloured umbrellas, Fending off the rain, I wonder if those, concealed underneath, Have had lives disturbed by pain, With the greyness of the sky above, Their bodies crouching low, What is the message that greets the eye Where do all these 'bodies' go, There's a feeling that they may be hiding Not only from the rain, But that is just a 'thought' of mine, And I could be wrong - again! फिर अस्पताल की उनकी फोटो अपलोड कर दी फेसबुकिया यारों ने भी 'लाइक' मार-मार कर अपनी 'ड्यूटी' पूरी कर दी। - नरेंद्र शर्मा हिन्दुअन की हिन्दुआई देखी तुरकन की तुरकाई! Poems can be short, medium or long so it makes it very easy and convenient to read a-poem-a-day to a child. When I am sad, I won't drop at all. भारत वर्ष है ।।१५।। - रीता कौशल ऐ मन! अविरत दुख है उत्पीड़न, अविरत सुख भी उत्पीड़न; दुख-सुख की निशा-दिवा में, सोता-जगता जग-जीवन! By: Andrew If I Were The Rain If I were the rain I would dance on cars and roads.

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